काशीपुर के जनप्रतिनिधियों पर सवाल: बंद चीनी मिल, लंबित भुगतान और विकास के मुद्दों पर उठी आवाज

काशीपुर के जनप्रतिनिधियों पर सवाल: बंद चीनी मिल, लंबित भुगतान और विकास के मुद्दों पर उठी आवाज
काशीपुर। काशीपुर क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रदेश मुख्य संरक्षक अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा तथा प्रदेश अध्यक्ष हिन्द मजदूर सभा उत्तराखंड, वेद प्रकाश विद्यार्थी ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और सरकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि काशीपुर महानगर के जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति उदासीन दिखाई देते हैं। जनता के मुद्दों से दूर रहकर केवल राजनीतिक पद प्राप्त करना ही उनका लक्ष्य बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति को सेवा के बजाय व्यापार का माध्यम बना दिया गया है।
वेद प्रकाश विद्यार्थी ने विशेष रूप से वर्ष 2013 से बंद पड़ी काशीपुर चीनी मिल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिल के मजदूरों और कर्मचारियों का लगभग 42 करोड़ रुपये का भुगतान आज तक नहीं हो सका है। उनका दावा है कि भुगतान न मिलने और आर्थिक संकट के कारण लगभग 80 कर्मचारी भूख, बीमारी और अभावों में अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों ने इस विषय पर गंभीर पहल नहीं की। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए संघर्ष किया, उन्हें आज तक सरकारों द्वारा उचित सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए और उनके योगदान को औपचारिक मान्यता मिले।
काशीपुर को जिला बनाने की मांग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में स्वर्गीय रामदत्त जोशी तथा नारायण दत्त तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने इस मांग को प्रमुखता से उठाया था, लेकिन दशकों बाद भी काशीपुर को जिला घोषित नहीं किया गया है।
उन्होंने नगर के रोडवेज बस स्टैंड की दुर्दशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र के सांसद, विधायक और महापौर को समय-समय पर वहां का निरीक्षण कर जनता की समस्याओं को समझना चाहिए। वेद प्रकाश विद्यार्थी ने क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, युवाओं और छात्र नेताओं से आह्वान किया कि वे राजनीति से ऊपर उठकर एक गैर-राजनीतिक जनमंच का गठन करें, जो क्षेत्र के विकास, रोजगार, शिक्षा और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाए। उन्होंने कहा कि छात्र नेताओं को केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ क्षेत्र के विकास और सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि 76 वर्ष की आयु में भी उनका उत्साह और जनसेवा का संकल्प पूर्ववत है तथा वे क्षेत्रहित के हर सकारात्मक प्रयास में सहयोग के लिए सदैव तैयार हैं।”आज समय की मांग है कि समाज के जागरूक लोग एकजुट होकर जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें और क्षेत्र के विकास के लिए संगठित प्रयास करें।”— वेद प्रकाश विद्यार्थीप्रदेश मुख्य संरक्षक, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभाप्रदेश अध्यक्ष, हिन्द मजदूर सभा उत्तराखंड
जय हिन्द। जय उत्तराखंड। :::