काशीपुर, ऊधमसिंह नगर। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और संघर्ष बेहद जरूरी हैं। छोटी-सी चींटी भी इंसान को जीवन जीने की बड़ी सीख देती है। वह बार-बार गिरती है, लेकिन हार नहीं मानती और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ती रहती है। इसी प्रेरणादायक संदेश को अपनी कविता के माध्यम से विद्यार्थी भैया कविराय ने प्रस्तुत किया है।
विद्यार्थी भैया कविराय का कहना है कि असफलता ही इंसान को आगे बढ़ना और जीवन में सफलता प्राप्त करना सिखाती है। जो व्यक्ति असफलता का सामना ही नहीं करता, वह सफलता का वास्तविक महत्व कैसे समझ सकता है? जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव इंसान को अनुभव देते हैं और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं।
उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जिंदगी में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। समय और अनुभव के साथ व्यक्ति दूसरों के व्यवहार तथा उनके मन की भावनाओं को समझने की क्षमता भी विकसित कर लेता है।
उनकी कविता का मूल संदेश है कि यदि जीवन में सफल होना है, तो चींटी से सीख लेनी चाहिए। जिस प्रकार चींटी बार-बार गिरने के बाद भी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहती है, उसी प्रकार मनुष्य को भी असफलताओं से घबराने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
विद्यार्थी भैया कविराय की प्रेरणादायक पंक्तियां—
चींटी से सीखो जीने की कला,
कितनी बार गिरती, फिर चढ़ती जाती।
असफलता ही जीना सिखाती है,
संघर्षों से ही सफलता आती है।
जीवन में अगर सफल होना है,
तो चींटी से सीखना होगा।
विद्यार्थी भैया कविराय का यह संदेश विद्यार्थियों, युवाओं और जीवन में संघर्ष कर रहे प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है। उनकी सीख है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, इंसान को अपना हौसला बनाए रखना चाहिए और लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।
— विद्यार्थी भैया कविराय
काशीपुर महानगर, जनपद ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड
शमीम बानो
संपादक – सच्चाई की किरण (पाक्षिक समाचार पत्र)
पता – काशीपुर
