मानव सौहर्द और विश्वबंधुत्व का अनूठा दृश्य – 78वां निरंकारी संत समागम
मानव सौहर्द और विश्वबंधुत्व का अनूठा दृश्य – 78वां निरंकारी संत समागम परमात्मा के अहसास से सरल होगा आत्ममंथन– सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज सतगुरु माता जी ने आत्ममंथन के वास्तविक भाव को समझाते हुए फरमाया कि कई बार हम भावनाओं के अधीन होकर किसी आसान कार्य को भी जटिल बना देते हैं जबकि प्रभु…
