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काशीपुर में शहीदे आज़म कॉन्फ्रेंस का आयोजन, उलमा-ए-किराम ने शहादत, दीन की खिदमत और इस्लाह-ए-मुआशरा पर दिए बयान


काशीपुर। 2 जुलाई 2026, बरोज़ जुमेरात, बाद नमाज़-ए-इशा मोहल्ला अल्ली खां स्थित मोती मस्जिद वाली गली में शहीदे आज़म कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। रूहानी और इल्मी माहौल में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, मशाइख़-ए-इज़ाम, दीनी व सामाजिक हस्तियों तथा अकीदतमंदों ने शिरकत की।
कार्यक्रम का आगाज़ कारी महमूद रज़ा ने तिलावत-ए-क़ुरआन पाक से किया। इसके बाद उन्होंने नात-ए-पाक और मनकबत पेश की। हाफिज़ अरशद रज़ा ने भी अपने खूबसूरत नातिया कलाम से महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया।
इसके बाद शहर इमाम काशीपुर हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती फैज़ान रज़ा मंज़री ने नौजवानों की इस्लाह, दीन पर अमल और अच्छे अख़लाक़ के विषय पर प्रभावशाली तकरीर की। वहीं हज़रत अल्लामा मौलाना हाशमी नूरी साहब क़िब्ला ने हज़रत इमाम हुसैन की मुबारक ज़िंदगी, उनकी कुर्बानी और इंसानियत के लिए दिए गए पैग़ाम पर विस्तार से रोशनी डाली।
मोती मस्जिद के इमाम सूफी-ए-बासफ़ा हज़रत अल्लामा अल्हाज क़ारी सूफी नज़ीर साहब क़िब्ला ने नात-ए-पाक पेश कर महफिल को रूहानी फ़िज़ा से भर दिया। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुफ्ती-ए-आज़म उत्तराखंड हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती ज़ुल्फिकार साहब ने ख़ुसूसी मेहमान का परिचय कराया और हज़रत इमाम हुसैन के नाम पर फैलाई जाने वाली ग़लत रस्मों और खुराफ़ातों का क़ुरआन व सुन्नत की रोशनी में खंडन किया। कार्यक्रम के ख़ुसूसी मेहमान, आले-नबी और औलाद-ए-अली, क़ाज़ी-ए-रामपुर हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती सैय्यद फैज़ान रज़ा हनफ़ी क़ादरी ने अपने इल्मी और असरदार बयान में शहादत-ए-इमाम हुसैन, दीन की खिदमत, इत्तेहाद और सुन्नत पर अमल की अहमियत पर रोशनी डालते हुए लोगों को फ़ैज़याब किया। इस मौके पर खतीब-ए-अहले सुन्नत हज़रत हाफ़िज़ जाने आलम साहब भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल आयोजन अराकीन गुलामाने ताजुश्शरिया कमेटी, मोहल्ला अल्ली खां, काशीपुर द्वारा किया गया। आयोजकों ने बड़ी संख्या में पहुंचे आशिकाने रसूल, उलमा-ए-किराम और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। देर रात तक चले इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों ने उलमा-ए-किराम के बयानात से दीन की अहम बातें सीखीं और कार्यक्रम को पूरी तरह कामयाब बनाया।