इस्लामनगर काशीपुर कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रतिनिधि हकीम रईस अहमद का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर


दशकों तक कांग्रेस संगठन और जनसेवा से जुड़े रहे हकीम रईस अहमद ने 23 सितंबर को ली अंतिम सांस
काशीपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व सांसद प्रतिनिधि हकीम रईस अहमद का 23 सितंबर 2026 को बीमारी के चलते उनके निवास पर निधन हो गया। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को कांग्रेस संगठन के साथ-साथ क्षेत्र के सामाजिक जीवन के लिए भी एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
हकीम रईस अहमद वर्ष 1970 से कांग्रेस संगठन और जनसेवा से जुड़े रहे। अपने लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक सफर के दौरान उन्होंने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और क्षेत्र के लोगों से निरंतर संपर्क उनकी सार्वजनिक जीवन की प्रमुख पहचान रही।
उनके राजनीतिक जीवन में वर्ष 2009 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। उस समय उधम सिंह नगर-नैनीताल लोकसभा क्षेत्र के सांसद के.सी. सिंह बाबा ने उन्हें काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया था। इस जिम्मेदारी के दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों से संवाद बनाए रखने के साथ-साथ जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
लंबे समय तक कांग्रेस संगठन और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हकीम रईस अहमद को उनके परिचित सरल स्वभाव, मिलनसार व्यवहार और सामाजिक सरोकारों के लिए याद कर रहे हैं। उनके निधन से कांग्रेस ने एक पुराने और समर्पित कार्यकर्ता को खो दिया, वहीं परिवार और करीबियों ने अपना एक महत्वपूर्ण सहारा खो दिया है।
पिता की सीख हमेशा साथ रहेगी: अली अकबर
मरहूम हकीम रईस अहमद के बड़े बेटे एवं ‘काशी क्रांति’ के संपादक अली अकबर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनके वालिद उनके लिए केवल पिता ही नहीं, बल्कि जीवन में मार्गदर्शन देने वाली महत्वपूर्ण शख्सियत थे। उन्होंने कहा कि पिता से मिली समाज के प्रति जिम्मेदारी, लोगों की आवाज उठाने और जरूरतमंदों के साथ खड़े रहने की सीख उन्हें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
अली अकबर ने कहा कि उनके पिता ने अपने जीवन का लंबा समय संगठन और समाज की सेवा में समर्पित किया। लोगों से उनका जुड़ाव, सहज व्यवहार और मिलनसार व्यक्तित्व हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने अपने पिता के चाहने वालों एवं क्षेत्रवासियों से उनकी मगफिरत के लिए दुआ करने की अपील की।
परिवार और शुभचिंतकों ने मरहूम हकीम रईस अहमद साहब के लिए दुआ-ए-मगफिरत की अपील की है।
अल्लाह तआला मरहूम हकीम रईस अहमद साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। उनके परिवार एवं तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।